MBA: सही स्पेशलाइसजेशन का यूं करें चुनाव
एमबीए में स्पेशलाइजेशन पर पूरा ध्यान दें, क्योंकि इसी के आधार पर आपको पहली नौकरी मिलेगी और हो सकता है यही आपके करियर की दिशा भी निर्धारित करे। हालांकि इन दिनों तमाम स्पेशलाइजेशंस उपलब्ध हैं, लेकिन मोटे तौर पर इन्हें इन कैटिगिरीज में बांटा जा सकता है :-
मार्केटिंग
अगर आप सेल्स, ब्रैंड मैनेजमेंट या मार्केट रिसर्च में करियर के बारे में सोच रहे हैं, तो इसे चुनें। इसके लिए आपको बेहतरीन कम्यूनिकेशंस स्किल्स चाहिए होंगी। बहुत सारे सीईओज इसी स्पेशलाइजेशन के जरिए बनते हैं।
ऑपरेशंस मैनेजमेंट
अगर आप टफ सिचुएशंस को आसानी से हैंडल कर लेते हैं और आपकी टेक्निकल नॉलेज अच्छी है, तो आप यह स्पेशलाइजेशन ऑप्ट कर सकते हैं। यह क्वॉलिटी कंट्रोल और प्रॉडक्टिविटी इंप्रूवमेंट में अहम भूमिका निभाता है।
फाइनैंस
नंबरों से खेलने का शौक रखने वाले इस लाइन में जा सकते हैं। ये लोग बैक एंड पर काम करते हैं और इंवेस्टमेंट बैंकिंग, मर्चेंट बैंकिंग, कॉर्पोरेट फाइनैंस वगैरह की रीढ़ की हड्डी होते हैं।
सिस्टम मैनेजमेंट
यह स्पेशलाइजेशन आईटी से ताल्लुक रखता है और अच्छी टेक्निकल व बिजनस समझ रखने वालों को इसे चुनना चाहिए। इसके बाद आपको सिस्टम कंसल्टेंसी, अकाउंट या प्रॉजेक्ट मैनेजमेंट वगैरह में प्लेसमेंट मिल सकता है।
ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट
इसमें काम करने वाले लोगों पर पूरे ऑफिस के लोगों का मैनेजमेंट होता है। इसके लिए आपके पास अच्छी पर्सनैलिटी, अच्छी तरह बात करने की क्षमता और रिश्ते बनाने की आर्ट का होना बेहद जरूरी है।
स्पेशलाइज्ड एमबीए
कुछ इंस्टिट्यूस प्लेसमेंट्स को ध्यान में रखकर कोर्सेज ऑफर कर रहे हैं, जिनमें रूरल मैनेजमेंट, रिटेल मैनेजमेंट, टेलिकॉम मैनेजमेंट, इंश्योरेंस मैनेजमेंट, फॉरन ट्रेड उल्लेखनीय हैं। ये सभी कोर्सेज आईआईटी जैसे नामी संस्थानों द्वारा भी चलाए जा रहे हैं।
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