जूलरी डिजाइन में करियर के खूब मौके, जबर्दस्त सैलरी
फैशन में जूलरी का अपना एक अलग मुकाम है। फैशन के शौकीन लोग जूलरी के आकर्षक डिजाइन को तरजीह देते हैं। दुनिया में भारत का सबसे बड़ा रत्न और आभूषण मार्केट है लेकिन यह उद्योग ज्यादातर असंगठित क्षेत्र में है, जहां सोने पर ज्यादा तवज्जो दी जाती है। बड़ी कंपनियों के इस सेक्टर में कदम रखने के साथ अब सोने के अलावा रत्नों और पत्थरों की लोकप्रियता भी बढ़ गई है। इससे संगठित रत्न और आभूषण उद्योग को बढ़ावा मिला है। संगठित जूलरी उद्योग के तेज विकास, भारी संख्या में आकर्षक जॉब और एंट्री लेवल पर अच्छी सैलरी ने इस सेक्टर को करियर का लोकप्रिय विकल्प बना दिया है। आइये आज जानते हैं, इस सेक्टर में कैसे करियर बना सकते हैं, क्या योग्यता चाहिए...
कैसे सीखें
पहले इस काम को सीखने का एकमात्र रास्ता अनुभवी जूलर होते थे। लेकिन आज के समय में स्कूल के सीधे बाद जूलरी डिजाइन में आप डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। कोर्स के लिए क्वॉलिफाई करने के पहले एक स्टूडेंट को ऐप्टिट्यूड टेस्ट और इंटरव्यू पास करना पड़ता है। हालांकि किसी भी बैकग्राउंड के छात्र यह कोर्स कर सकते हैं लेकिन आटर्स बैकग्राउंड वालों के लिए ज्यादा फायदेमंद है।
कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?
कोर्स में आपको पत्थरों के विभिन्न प्रकार, कलर स्कीम, डिजाइन थीम, परजेंटेशन और फ्रेमिंग, इंडिविजुअल जूलरी पीस का डिजाइन करना, पुरुषों की जूलरी, कॉस्ट्युम जूलरी, कॉस्टिंग वगैरह के बारे में बताया जाता है। जहां तक जूलरी की डिजाइनिंग का संबंध है इसके लिए कोई औपचारिक प्रशिक्षण नहीं होता। किसी फील्ड के प्रफेशनल जूलरी डिजाइनिंग वर्कशॉप में शामिल होकर अपना प्रॉडक्शन हाउस खोल सकते हैं।
इसके लिए क्या चाहिए?
एक जूलरी डिजाइनर बनने के लिए कोई खास पर्सनैलिटी की जरूरत नहीं पड़ती है। आपको सिर्फ इस पेशे का शौक होना चाहिए। डिजाइन सेंस का होना बहुत जरूरी है। सफलता के लिए क्रिऐटिव, नए-नए आइडिया पैदा करने वाला और तकनीकी रूप से बेहतर होना चाहिए। इंटरनैशनल फैशन इंडस्ट्री और ग्लोबल ट्रेंड्स पर गहरी नजर होनी चाहिए।
काम क्या करना पड़ता है?
जूलरी डिजाइनर हाथ से या फिर कंप्यूटर की मदद से स्केच तैयार करते हैं। कस्टमर या मैन्युफैक्चरिंग टीम से परामर्श के बाद डिजाइनर एक खाका तैयार करते हैं। कंप्यूटर मॉडलों से डिजाइनों के अलग-अलग विकल्प खोजने में आसानी होती है, जिससे डिजाइन की लागत कम आती है और समय बच जाता है।
जॉब के अवसर
आप निम्न में से किसी सेक्टर में काम कर सकते हैं:-
जूलरी डिजाइनिंग हाउस
एक्सपोर्ट हाउस
फैशन हाउस
स्वरोजगार
फ्रीलांस डिजाइनिंग
अगर आप किसी एक्पोर्ट हाउस को जॉइन करेंगे तो आपके नए डिजाइन इंटरनैशनल मार्केट में दिखेंगे। वैसे ज्यादातर स्टूडेंट्स अपना प्रॉडक्शन हाउस खोलकर अपना खुद का बिजनस शुरू करने को प्राथमिकता देते हैं। फ्रीलांसिंग में आपको जूलर्स हाउस के निर्देश के मुताबिक डिजाइन तैयार करना होगा।
संस्थान जो कोर्स कराते हैं
एनआईएफटी कैंपस, गुलमोहर पार्क के सामने, हौज खास, नई दिल्ली
श्रीमती नाथीबाई दामोदर ट्रेनिंग (एसएनडीटी) विमिन यूनिवर्सिटी, मुंबई
जेम ऐंड जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, राजस्थान भवन, जयपुर
जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, डी-15 कॉमर्स सेंटर, तारदेव, मुंबई
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ जूलरी, मॉडर्न सेंटर, 101 सेन गुरुजी मार्ग, महालक्ष्मी, मुंबई
जूलरी डिजाइन ऐंड टेक्नॉलजी इंस्टिट्यूट (जेडीटीआई), नोएडा
साउथ दिल्ली पॉलिटेक्निक फॉर विमिन, लाजपत नगर IV, नई दिल्ली
सेंटर जेवियर कॉलेज, जूलॉजी डिपार्टमेंट, मुंबई
स्मॉल इंडस्ट्रीज सर्विस इंस्टिट्यूट, चेन्नै
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