फटाफट जॉब दिलाएंगे 12वीं साइंस के बाद ये कोर्स
courses after 12th science stream
फटाफट जॉब दिलाएंगे 12वीं साइंस के बाद ये कोर्स
मेडिकल की दुनिया में प्रवेश लेकर अगर आप भी दूसरों की सेवा करना चाहते हैं तो साइंस स्ट्रीम से बारहवीं का एग्जाम पास करना आवश्यक है। अगर आप यह एग्जाम पास कर लेते हैं तो आपके पास कई विकल्प मौजूद होते हैं। हालांकि, इनमें भी दो अलग-अलग शाखाएं हो जाती हैं, आप फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स यानी PCM और फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायॉलजी यानी PCB से बारहवीं करने के बाद मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग और अन्य दूसरे सेक्टरों में ब्राइट फ्यूचर बना सकते हैं। PCM और PCB के बाद की कौन-कौन से कोर्सेज हैं, जिनमें ऐडमिशन लेकर आप करियर बना सकते हैं, आइए जानने की कोशिश करते हैं...
सभी बीमारियों का एक डॉक्टर यानी MBBS
बैचलर ऑफ मेडिसिन ऐंड बैचलर ऑफ सर्जरी (MBBS) कोर्स बायॉलजी की पहली पसंद है। इसमें ऐडमिशन ऑल इंडिया लेवल पर आयोजित होने वाले टेस्ट के आधार पर दिया जाता है। महाराष्ट्र में यह स्टेट लेवल पर होता है, जबकि ऑल इंडिया लेवल पर सीबीएसई द्वारा एंट्रेस एग्जाम आयोजित किया जाता है। हालांकि, प्राइवेट कॉलेज भी अपने-अपने तरीके से ऐडमिशन देते हैं।
दांतो का देखभाल करने के लिए बनें BDS
12वीं में बायॉलजी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स BDS यानी बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (चार साल) का कोर्स कर सकते हैं। इनमें एक साल का इंटर्नशिप भी जुड़ा हुआ है। BDS करने के बाद आप एक डेंटिस्ट के रूप में कोई अस्पताल जॉइन कर सकते हैं या फिर प्रैक्टिस शुरू कर सकते हैं।
आयुर्वेद से भी करें इलाज यानी BAMS
फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ बायॉलजी की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स BAMS यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन ऐंड सर्जरी कर सकते हैं। यह कोर्स साढ़े पांच साल का होता है, जिसमें एक साल का इंटर्नशिप होता है।
फटाफट जॉब्स के लिए माइक्रोबायॉलजी
माइक्रोऑर्गैनिजम की पढ़ाई और उसके ऐप्लिकेशन से संबंधित इस कोर्स में नंबर और टेस्ट दो प्रोसेस के आधार पर ऐडमिशन मिलता है। सरकारी नौकरी के अलावा फार्मा, रिसर्च, फूड प्रॉडक्ट्स, ऐग्रिकल्चर सेक्टर्स में जॉब्स हैं। फॉर्मा और फूड ऐंड बेवरेज इंडस्ट्री में माइक्रोबायॉलजिस्ट की भारी मांग है।
महिलाओं के लिए बेहतर है B.Sc इन नर्सिंग
महिलाओं के लिए यह कोर्स बेहतरीन माना जाता है। बीएससी करने के बाद सरकारी और प्राइवेट, दोनों सेक्टरों में अच्छी नौकरी है। ऐडमिशन टेस्ट के आधार पर मिलता है। इस सेक्टर में जॉब की काफी संभावनाएं हैं और आज कल महिलाएं काफी तादात में इस विषय में ऐडमिशन ले रही हैं।
नहीं मिला ऐडमिशन तो करें पैरामेडिकल/हेल्थकेयर
बायॉलाजिकल साइंस के फील्ड में तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े ये कोर्स आपके लिए फार्मा रिसर्च, फूड प्रॉडक्ट्स, ऐग्रिकल्चर और केमिकल इंडस्ट्री में प्रवेश के लिए प्लैटफॉर्म तैयार करता है। सीधे मेडिकल में ऐडमिशन नहीं मिला है, तो इस सेक्टर में आ सकते हैं। मेडिकल से जुड़े लोगों के लिए भी यह एक ऑप्शन है। यहां फिजियोथेरपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, सोनोग्राफर, रेडियोलॉजिस्ट, एमआरई और एमएलटी जैसे जॉब्स कर सकते हैं।
फॉर्मा कोर्सेज में है काफी मांग
देश में फॉर्मा इंडस्ट्री में तेजी से हुए विकास के बाद इस कोर्स की डिमांड बढ़ी गई है। इन दिनों फॉर्मा सेक्टर में काफी लोग नौकरी कर रहे हैं। इस कोर्स के तहत आप कई खास विषय की तैयारी कर उससे संबंधित जानकार बन सकते हैं। चाहे तो पैरामेडिकल या हेल्थकेयर में जा सकते हैं या फिर कृषि से जुड़े क्षेत्रों में भो रोजगार ढूंढ सकते हैं। खुद से भी रोजगार यानी स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं।
एक्सपर्ट की राय
बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई के असोसिएट प्रफेसर डॉ. अनिल शर्मा बताते हैं, 12वीं की पढ़ाई बेसिक फाउंडेशन तैयार करती है पर कुछ विशेषज्ञता हासिल करने के लिए कुछ और कोर्सेज करने होते हैं, जो पीसीबी और पीसीएम करने वाले स्टूडेंट्स ही कर सकते हैं। पीसीबी या पीसीएम वालों के लिए मेडिकल और इंजिनियरिंग के अलावा आयुर्वेद, यूनानी, फार्मा, वेटरनरी, फिजियो, ऐग्रिकल्चर और अलाइड साइंस जैसे कोर्सेज हैं।
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